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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 135: विदुला और उसके पुत्रका संवाद—विदुलाके द्वारा कार्यमें सफलता प्राप्त करने तथा शत्रुवशीकरणके उपायोंका निर्देश
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श्लोक 4
श्लोक
5.135.4
किमाभरणकृत्येन किं भोगैर्जीवितेन वा।
मयि वा संगरहते प्रियपुत्रे विशेषत:॥ ४॥
अनुवाद
यदि मैं, विशेषकर आपका प्रिय पुत्र, युद्ध में मारा जाऊँ, तो आपको आभूषणों, सुख-सुविधाओं और यहाँ तक कि अपने जीवन से भी क्या सुख मिलेगा? ॥4॥
If I, especially your beloved son, am killed in the war, what happiness will you get from ornaments, luxuries and even from your life? ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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