Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.135.20: माँ बोलीं- मैं तुम्हारे इस कथन से बहुत प्रसन्न हूँ। तुम ऐसा ही सोचते हो। तुम मुझे अपना कर्तव्य पालन (अपने पुत्र पर दया करने) की प्रेरणा दे रहे हो, इसीलिए मैं भी तुम्हें बार-बार अपना कर्तव्य सुझा रही हूँ। | mahabharat अध्याय 5.135: विदुला और उसके पुत्रका संवाद—विदुलाके द्वारा कार्यमें सफलता प्राप्त करने तथा शत्रुवशीकरणके उपायोंका निर्देश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माँ बोलीं- मैं तुम्हारे इस कथन से बहुत प्रसन्न हूँ। तुम ऐसा ही सोचते हो। तुम मुझे अपना कर्तव्य पालन (अपने पुत्र पर दया करने) की प्रेरणा दे रहे हो, इसीलिए मैं भी तुम्हें बार-बार अपना कर्तव्य सुझा रही हूँ।
Mother said- I am very happy with your statement. You think in this way. You are inspiring me to do my duty (to have compassion on my son), that is why I am also repeatedly suggesting your duty to you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥