Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.135.17: बुद्धिमान व्यक्ति इस संसार में जो कुछ अप्रिय है, उसकी बहुत कम इच्छा करता है। जिसके पास इस संसार में जो कुछ सुखद है, उसकी अप्रियता भी बहुत कम होगी। | mahabharat अध्याय 5.135: विदुला और उसके पुत्रका संवाद—विदुलाके द्वारा कार्यमें सफलता प्राप्त करने तथा शत्रुवशीकरणके उपायोंका निर्देश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बुद्धिमान व्यक्ति इस संसार में जो कुछ अप्रिय है, उसकी बहुत कम इच्छा करता है। जिसके पास इस संसार में जो कुछ सुखद है, उसकी अप्रियता भी बहुत कम होगी।
A wise man desires very little of what is unpleasant in this world. One who has very little of what is pleasant in this world, his unpleasantness will also be very little.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥