पुत्र उवाच
कृष्णायसस्येव च ते संहत्य हृदयं कृतम्।
मम मातस्त्वकरुणे वीरप्रज्ञे ह्यमर्षणे॥ १॥
अनुवाद
पुत्र ने कहा- माँ! तुम्हारा हृदय ऐसा प्रतीत होता है मानो उसे हथौड़े से पीटकर काले लोहे का बनाया गया हो। तुम मेरी माता हो, फिर भी तुम इतनी क्रूर हो। तुम्हारी बुद्धि योद्धाओं के समान है और तुम सदैव क्रोध से भरी रहती हो॥1॥
The son said- Mother! Your heart seems as if it has been made of black iron by hammering it. You are my mother but still you are so cruel. Your intellect is like that of a warrior and you are always filled with resentment.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥