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mahabharat 5.134.32: तुम्हें सौवीरों की पुत्रियों (अपनी पत्नियों) के साथ सुखी रहना चाहिए। पहले की तरह अपने धन पर गर्व करना चाहिए। विपत्ति में सिंधु (शत्रु देश) की पुत्रियों के हाथों में मत पड़ना।   |   mahabharat अध्याय 5.134: विदुलाका अपने पुत्रको युद्धके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 134: विदुलाका अपने पुत्रको युद्धके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  5.134.32 
हृष्य सौवीरकन्याभि: श्लाघस्वार्थैर्यथा पुरा।
मा च सैन्धवकन्यानामवसन्नो वशं गम:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तुम्हें सौवीरों की पुत्रियों (अपनी पत्नियों) के साथ सुखी रहना चाहिए। पहले की तरह अपने धन पर गर्व करना चाहिए। विपत्ति में सिंधु (शत्रु देश) की पुत्रियों के हाथों में मत पड़ना।
 
You should feel happy with the daughters of Sauviras (your wives). As before, be proud of your wealth. Do not fall into the hands of the daughters of Sindhu (the enemy country) in adversity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)