Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.134.25-26: जब कोई शूरवीर पुरुष उत्तम युद्ध के द्वारा, अपना नाम प्रसिद्ध करके, कवचधारी शत्रुओं को ललकारकर, सेना के अग्रभाग को भगाकर अथवा शत्रुपक्ष के किसी महापुरुष को मारकर महान यश प्राप्त करता है, तभी उसके शत्रु व्याकुल होकर उसके आगे सिर झुकाते हैं॥ 25-26॥ | mahabharat अध्याय 5.134: विदुलाका अपने पुत्रको युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब कोई शूरवीर पुरुष उत्तम युद्ध के द्वारा, अपना नाम प्रसिद्ध करके, कवचधारी शत्रुओं को ललकारकर, सेना के अग्रभाग को भगाकर अथवा शत्रुपक्ष के किसी महापुरुष को मारकर महान यश प्राप्त करता है, तभी उसके शत्रु व्याकुल होकर उसके आगे सिर झुकाते हैं॥ 25-26॥
When a valiant man achieves great fame through a good war, by making his name known, by challenging his enemies clad in armour, by driving away the front of the army, or by killing a great man of the enemy's side, then only his enemies become distressed and bow their heads before him.॥ 25-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥