Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.134.15: पूर्वकाल में जब मेरे मित्रों ने मुझे अपने बन्धुओं के बीच बहुमूल्य हारों और आभूषणों से विभूषित तथा अत्यंत स्वच्छ एवं सुन्दर वस्त्रों से सुसज्जित देखा, तब वे बहुत प्रसन्न हुए ॥15॥ | mahabharat अध्याय 5.134: विदुलाका अपने पुत्रको युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महार्हमाल्याभरणां सुमृष्टाम्बरवाससम्।
पुरा हृष्ट: सुहृद्वर्गो मामपश्यत् सुहृद्गताम्॥ १५॥
अनुवाद
पूर्वकाल में जब मेरे मित्रों ने मुझे अपने बन्धुओं के बीच बहुमूल्य हारों और आभूषणों से विभूषित तथा अत्यंत स्वच्छ एवं सुन्दर वस्त्रों से सुसज्जित देखा, तब वे बहुत प्रसन्न हुए ॥15॥
In the past, when my friends saw me among my relatives, adorned with precious necklaces and ornaments and dressed in extremely clean and beautiful clothes, they were very happy. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥