Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.133.8: हे कायर! उठ, खड़ा हो, शत्रुओं से पराजित होकर घर में मत सो। ऐसा करके तू समस्त शत्रुओं को सुख पहुँचा रहा है और मान-प्रतिष्ठा से वंचित होकर अपने स्वजनों को दुःख पहुँचा रहा है।   |   mahabharat अध्याय 5.133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.133.8 
उत्तिष्ठ हे कापुरुष मा शेष्वैवं पराजित:।
अमित्रान् नन्दयन् सर्वान् निर्मानो बन्धुशोकद:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे कायर! उठ, खड़ा हो, शत्रुओं से पराजित होकर घर में मत सो। ऐसा करके तू समस्त शत्रुओं को सुख पहुँचा रहा है और मान-प्रतिष्ठा से वंचित होकर अपने स्वजनों को दुःख पहुँचा रहा है।
 
O coward! Get up, stand up, do not go to sleep at home after being defeated by the enemy. By doing this you are giving pleasure to all the enemies and by being deprived of honour and prestige you are causing grief to your relatives.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)