Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.133.31-32h: अरे! धुएँ की तरह मत उठो। खूब जलो, ज़ोर से हमला करो और दुश्मन सैनिकों को मार गिराओ। एक पल के लिए, एक जलती हुई आग बन जाओ और दुश्मनों के सिरों को ढक दो। | mahabharat अध्याय 5.133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मा धूमाय ज्वलात्यन्तमाक्रम्य जहि शात्रवान्॥ ३१॥
ज्वल मूर्धन्यमित्राणां मुहूर्तमपि वा क्षणम्।
अनुवाद
अरे! धुएँ की तरह मत उठो। खूब जलो, ज़ोर से हमला करो और दुश्मन सैनिकों को मार गिराओ। एक पल के लिए, एक जलती हुई आग बन जाओ और दुश्मनों के सिरों को ढक दो।
Oh! Don't rise like smoke. Burn brightly and attack with great force and kill the enemy soldiers. For a moment or a second, become a burning fire and cover the heads of the enemies.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥