Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.133.29-30h: संजय! तुम पुण्यात्माओं के बीच अभद्र कर्म कर रहे हो, कुल और वंश की प्रतिष्ठा को नष्ट कर रहे हो। ऐसा प्रतीत होता है कि तुम्हारे रूपी पुत्र के नाम पर मैंने कलिपुरुष को जन्म दिया है। | mahabharat अध्याय 5.133: कुन्तीके द्वारा विदुलोपाख्यानका आरम्भ, विदुलाका रणभूमिसे भागकर आये हुए अपने पुत्रको कड़ी फटकार देकर पुन: युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय! तुम पुण्यात्माओं के बीच अभद्र कर्म कर रहे हो, कुल और वंश की प्रतिष्ठा को नष्ट कर रहे हो। ऐसा प्रतीत होता है कि तुम्हारे रूपी पुत्र के नाम पर मैंने कलिपुरुष को जन्म दिया है।
Sanjay! You are doing indecorous acts among the virtuous, you are destroying the prestige of the family and lineage. It seems that in the name of a son in your form, I have given birth to Kali-Purush. 29 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥