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इष्टापूर्तं हि ते क्लीब कीर्तिश्च सकला हता।
विच्छिन्नं भोगमूलं ते किंनिमित्तं हि जीवसि॥ १९॥
अनुवाद
कायर! तेरे इच्छित और अभीष्ट कर्म नष्ट हो गए, तेरा सारा यश धूल में मिल गया और भोग का मुख्य साधन राज्य भी छिन गया। अब तू क्यों जीवित है?
Coward! Your desired and desired deeds have been destroyed, all your fame has been reduced to dust and even your kingdom, the main means of enjoyment, has been snatched away. Why are you living now?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥