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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 131: भगवान‍् श्रीकृष्णका विश्वरूप दर्शन कराकर कौरवसभासे प्रस्थान  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  5.131.32 
यावद् बलं मे पुत्रेषु पश्यस्येतज्जनार्दन।
प्रत्यक्षं ते न ते किंचित् परोक्षं शत्रुकर्शन॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
शत्रुसूदन जनार्दन! आप देख सकते हैं कि मेरी शक्ति मेरे पुत्रों पर कितनी काम करती है। सब कुछ आपकी आँखों के सामने है; आपसे कुछ भी छिपा नहीं है।
 
‘Shatrusudan Janardan! You can see how much my power works on my sons. Everything is in front of your eyes; nothing is hidden from you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)