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श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 131: भगवान‍् श्रीकृष्णका विश्वरूप दर्शन कराकर कौरवसभासे प्रस्थान  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.131.22 
चचाल च मही कृत्स्ना सागरश्चापि चुक्षुभे।
विस्मयं परमं जग्मु: पार्थिवा भरतर्षभ॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! उस समय सम्पूर्ण पृथ्वी काँपने लगी, समुद्र में खलबली मच गई और समस्त राजा अत्यन्त विस्मित हो गए।
 
O best of the Bharatas! At that time the entire earth began to shake, the ocean was in turmoil and all the kings were extremely astonished.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)