Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.130.d6-d7: कौरवों का अभी कुछ समय शेष है, इसीलिए धर्म पर सदैव ध्यान देने वाले कमल-नयन भगवान कृष्ण इन पापियों को दण्ड देने में समर्थ होते हुए भी क्षमा कर रहे हैं। यदि ये कौरव अपने सहयोगी राजाओं सहित गोविन्द को पकड़ना चाहें, तो वे सब आज ही यमराज के अतिथि बन जाएँ। | mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शेषवत्त्वात् कुरूणां तु धर्मापेक्षी तथाच्युत:।
क्षमते पुण्डरीकाक्ष: शक्त: सन् पापकर्मणाम्॥
एते हि यदि गोविन्दमिच्छन्ति सह राजभि:।
अद्यैवातिथय: सर्वे भविष्यन्ति यमस्य ते॥
अनुवाद
कौरवों का अभी कुछ समय शेष है, इसीलिए धर्म पर सदैव ध्यान देने वाले कमल-नयन भगवान कृष्ण इन पापियों को दण्ड देने में समर्थ होते हुए भी क्षमा कर रहे हैं। यदि ये कौरव अपने सहयोगी राजाओं सहित गोविन्द को पकड़ना चाहें, तो वे सब आज ही यमराज के अतिथि बन जाएँ।
‘The Kauravas still have some time left to live, that is why the lotus-eyed Lord Krishna, who always focuses on Dharma, is still forgiving these sinners even though he is capable of punishing them. If these Kauravas along with their allied kings want to capture Govind, then all of them will become guests of Yamraj today itself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥