Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.130.d1-d2: जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने घोड़ों, रथों और हाथियों सहित वाराणसी नगरी को जला डाला था और काशी नरेश को उसके बन्धुओं सहित मार डाला था, उसी प्रकार शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले ये भगवान श्रीकृष्ण स्वयं कालेश्वर बनकर हस्तिनापुर को जला डालेंगे और कौरवों का नाश करेंगे। | mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(यथा वाराणसी दग्धा साश्वा सरथकुंजरा।
सानुबन्धस्तु कृष्णेन काशीनामृषभो हत:॥
तथा नागपुरं दग्ध्वा शङ्खचक्रगदाधर:।
स्वयं कालेश्वरो भूत्वा नाशयिष्यति कौरवान्॥
अनुवाद
जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने घोड़ों, रथों और हाथियों सहित वाराणसी नगरी को जला डाला था और काशी नरेश को उसके बन्धुओं सहित मार डाला था, उसी प्रकार शंख, चक्र और गदा धारण करने वाले ये भगवान श्रीकृष्ण स्वयं कालेश्वर बनकर हस्तिनापुर को जला डालेंगे और कौरवों का नाश करेंगे।
‘Just as Lord Krishna burnt the city of Varanasi along with its horses, chariots and elephants and killed the King of Kashi along with his relatives, similarly this Lord Krishna holding the conch, discus and mace will himself become Kaleshwar and burn Hastinapur and destroy the Kauravas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥