Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.130.7-8h: ये महाबाहु श्रीकृष्ण ही समस्त पाण्डवों का हित चाहने वाले और कवच के समान उनकी रक्षा करने वाले हैं। सम्पूर्ण यदुवंश के प्रधान और वर देने वाले ये श्रीकृष्ण यदि बंदी बना लिए जाएँ, तो सोमकों सहित समस्त पाण्डव निष्फल हो जाएँगे। 7 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये महाबाहु श्रीकृष्ण ही समस्त पाण्डवों का हित चाहने वाले और कवच के समान उनकी रक्षा करने वाले हैं। सम्पूर्ण यदुवंश के प्रधान और वर देने वाले ये श्रीकृष्ण यदि बंदी बना लिए जाएँ, तो सोमकों सहित समस्त पाण्डव निष्फल हो जाएँगे। 7 1/2॥
This mighty-armed Shri Krishna is the one who seeks the welfare of all the Pandavas and protects them like a shield. If this Shri Krishna, the head of the entire Yadu dynasty and the giver of blessings, is taken captive, then all the Pandavas including the Somaks will become useless. 7 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥