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mahabharat 5.130.6: यह सुनकर कि भगवान कृष्ण को कैद कर लिया गया है, पांडव उस सांप की तरह स्तब्ध और हतोत्साहित हो जाएंगे जिसके दांत टूट गए हों।   |   mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.130.6 
श्रुत्वा गृहीतं वार्ष्णेयं पाण्डवा हतचेतस:।
निरुत्साहा भविष्यन्ति भग्नदंष्ट्रा इवोरगा:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर कि भगवान कृष्ण को कैद कर लिया गया है, पांडव उस सांप की तरह स्तब्ध और हतोत्साहित हो जाएंगे जिसके दांत टूट गए हों।
 
On hearing that Lord Krishna has been imprisoned, the Pandavas will become as stunned and demoralized as snakes whose teeth have been broken.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)