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mahabharat 5.130.50: उन्होंने एकार्णव के जल में सोते हुए मधु और कैटभ नामक राक्षसों का वध किया था और दूसरा शरीर धारण करके हयग्रीव नामक राक्षस का भी वध किया था।   |   mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.130.50 
एकार्णवे च स्वपता निहतौ मधुकैटभौ।
जन्मान्तरमुपागम्य हयग्रीवस्तथा हत:॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने एकार्णव के जल में सोते हुए मधु और कैटभ नामक राक्षसों का वध किया था और दूसरा शरीर धारण करके हयग्रीव नामक राक्षस का भी वध किया था।
 
He had killed the demons named Madhu and Kaitabha while sleeping in the waters of Ekarnava. And after assuming another body he had killed the demon named Hayagriva too.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)