Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.130.46: हे भरतश्रेष्ठ! इन्होंने ही बाल्यकाल में बकी और पूतना का वध किया था और गायों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को हाथ में धारण किया था।   |   mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  5.130.46 
अनेन हि हता बाल्ये पूतना शकुनी तथा।
गोवर्धनो धारितश्च गवार्थे भरतर्षभ॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! इन्होंने ही बाल्यकाल में बकी और पूतना का वध किया था और गायों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को हाथ में धारण किया था।
 
O best of the Bharatas! It was he who in his childhood killed Baki and Putana and held the Govardhan mountain in his hand to protect the cows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)