Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.130.43: पहले जब श्रीकृष्ण प्राग्ज्योतिषपुर गए थे, तब नरकासुर आदि दैत्यों ने उन्हें वहाँ बंदी बनाना चाहा था; परन्तु वे सफल न हो सके थे। तुम उन्हें बलपूर्वक अपने वश में करना चाहते हो ॥43॥ | mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पहले जब श्रीकृष्ण प्राग्ज्योतिषपुर गए थे, तब नरकासुर आदि दैत्यों ने उन्हें वहाँ बंदी बनाना चाहा था; परन्तु वे सफल न हो सके थे। तुम उन्हें बलपूर्वक अपने वश में करना चाहते हो ॥43॥
Earlier, when Shri Krishna went to Pragjyotishpur, Narakasur and other demons tried to capture him there; but they could not succeed. You want to bring him under your control by force. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥