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mahabharat 5.130.40: जब धृतराष्ट्र ने यह कहा तो विदुर भी क्रोध से भरकर धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के पास गए और उनसे यह कहा।   |   mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  5.130.40 
इत्युक्ते धृतराष्ट्रेण क्षत्तापि विदुरोऽब्रवीत्।
दुर्योधनमभिप्रेत्य धार्तराष्ट्रममर्षणम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जब धृतराष्ट्र ने यह कहा तो विदुर भी क्रोध से भरकर धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के पास गए और उनसे यह कहा।
 
When Dhritarashtra said this, Vidur also, filled with resentment, went to Dhritarashtra's son Duryodhana and said the following.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)