Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.130.4-5: वे आपस में कहने लगे, 'प्रत्येक कार्य को शीघ्रतापूर्वक करने वाले श्रीकृष्ण राजा धृतराष्ट्र और भीष्म सहित हमें बन्दी बना लें, इससे पहले ही हमें स्वयं इस सिंह-पुरुष हृषीकेश को बलपूर्वक पकड़ लेना चाहिए, जैसे इन्द्र ने विरोचन के पुत्र बलि को पकड़ लिया था। | mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे आपस में कहने लगे, 'प्रत्येक कार्य को शीघ्रतापूर्वक करने वाले श्रीकृष्ण राजा धृतराष्ट्र और भीष्म सहित हमें बन्दी बना लें, इससे पहले ही हमें स्वयं इस सिंह-पुरुष हृषीकेश को बलपूर्वक पकड़ लेना चाहिए, जैसे इन्द्र ने विरोचन के पुत्र बलि को पकड़ लिया था।
They started saying to each other, 'Before Shri Krishna, who performs every task swiftly, arrests us along with King Dhritarashtra and Bhishma, we ourselves should capture this lion-man Hrishikesh by force, just like Indra had captured Bali, son of Virochana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥