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mahabharat 5.130.37: हे मूर्ख! जिनको इन्द्र आदि देवता भी बलपूर्वक नहीं पकड़ सकते, उन्हें तू पकड़ना चाहता है। तेरा प्रयास ऐसा है जैसे कोई बालक चन्द्रमा को पकड़ने का प्रयत्न कर रहा हो।   |   mahabharat अध्याय 5.130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 130: दुर्योधनके षड्यन्त्रका सात्यकिद्वारा भंडाफोड़, श्रीकृष्णकी सिंहगर्जना तथा धृतराष्ट्र और विदुरका दुर्योधनको पुन: समझाना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  5.130.37 
यो न शक्यो बलात् कर्तुं देवैरपि सवासवै:।
तं त्वं प्रार्थयसे मन्द बालश्चन्द्रमसं यथा॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
हे मूर्ख! जिनको इन्द्र आदि देवता भी बलपूर्वक नहीं पकड़ सकते, उन्हें तू पकड़ना चाहता है। तेरा प्रयास ऐसा है जैसे कोई बालक चन्द्रमा को पकड़ने का प्रयत्न कर रहा हो।
 
‘O fool! You want to capture those whom even Indra and all other gods cannot subjugate by force. Your effort is like a child trying to capture the moon. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)