श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 13: नहुषका इन्द्राणीको कुछ कालकी अवधि देना, इन्द्रका ब्रह्महत्यासे उद्धार तथा शचीद्वारा रात्रिदेवीकी उपासना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.13.7 
नहुष उवाच
एवं भवतु सुश्रोणि यथा मामिह भाषसे।
ज्ञात्वा चागमनं कार्यं सत्यमेतदनुस्मरे:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
नहुष ने कहा, 'सुन्दरी! तुम जो कुछ मुझसे कह रही हो, वह सत्य है। तुम इसका पता लगाकर मेरे पास आओ; इस सत्य को सदैव स्मरण रखो।'
 
Nahush said, 'Beautiful lady! Whatever you are telling me here is true. You should find out accordingly and come to me; always remember this truth.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)