Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.13.22: तत्पश्चात शचीपति इन्द्रदेव पुनः सबकी आँखों से ओझल हो गये और अनुकूल समय की प्रतीक्षा करते हुए समस्त प्राणियों से अदृश्य होकर विचरण करने लगे। | mahabharat अध्याय 5.13: नहुषका इन्द्राणीको कुछ कालकी अवधि देना, इन्द्रका ब्रह्महत्यासे उद्धार तथा शचीद्वारा रात्रिदेवीकी उपासना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात शचीपति इन्द्रदेव पुनः सबकी आँखों से ओझल हो गये और अनुकूल समय की प्रतीक्षा करते हुए समस्त प्राणियों से अदृश्य होकर विचरण करने लगे।
Thereafter, Sachipati Indradev again disappeared from everyone's eyes and while waiting for the favorable time, he started wandering invisible from all living beings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥