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प्रपद्यस्व महाबाहुं कृष्णमक्लिष्टकारिणम्।
प्रसन्नो हि सुखाय स्यादुभयोरेव केशव:॥ ३८॥
अनुवाद
इसलिए, बिना किसी प्रयास के महान कर्म करने वाले महाबाहु भगवान श्रीकृष्ण की शरण लो; क्योंकि यदि भगवान केशव प्रसन्न हो जाएं, तो वे दोनों पक्षों को सुखी कर सकते हैं।
Therefore, take refuge in the mighty-armed Lord Shri Krishna, who does great deeds without any effort; Because if Lord Keshav is pleased, he can make both the parties happy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥