Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.129.30: लक्ष्मी उस धैर्यवान पुरुष की सेवा करती है, जिसने अपनी इन्द्रियों को वश में कर लिया है, जिसने अपने मन्त्रियों को जीत लिया है, जो अपराधियों को दण्ड देता है और जो बहुत सोच-समझकर कार्य करता है।' 30. | mahabharat अध्याय 5.129: धृतराष्ट्रका गान्धारीको बुलाना और उसका दुर्योधनको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लक्ष्मी उस धैर्यवान पुरुष की सेवा करती है, जिसने अपनी इन्द्रियों को वश में कर लिया है, जिसने अपने मन्त्रियों को जीत लिया है, जो अपराधियों को दण्ड देता है और जो बहुत सोच-समझकर कार्य करता है।' 30.
Lakshmi serves that patient man who has subdued his senses, who has conquered his ministers, who punishes the criminals and who acts after a lot of thought.' 30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥