Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.129.23: जिसने अपनी इन्द्रियों को वश में नहीं किया, वह अधिक समय तक राज्य का उपभोग नहीं कर सकता। केवल मन को जीतने वाला बुद्धिमान व्यक्ति ही राज्य की रक्षा कर सकता है॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 5.129: धृतराष्ट्रका गान्धारीको बुलाना और उसका दुर्योधनको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न ह्यवश्येन्द्रियो राज्यमश्नीयाद् दीर्घमन्तरम्।
विजितात्मा तु मेधावी स राज्यमभिपालयेत्॥ २३॥
अनुवाद
जिसने अपनी इन्द्रियों को वश में नहीं किया, वह अधिक समय तक राज्य का उपभोग नहीं कर सकता। केवल मन को जीतने वाला बुद्धिमान व्यक्ति ही राज्य की रक्षा कर सकता है॥ 23॥
He who has not controlled his senses cannot enjoy the kingdom for long. Only the wise man who has conquered his mind can protect the kingdom.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥