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mahabharat 5.128.39: इसके बाद हम सभी परिवारजनों ने मिलकर भोजवंश के क्षत्रियों को आगे बढ़ाने वाले उग्रसेन को पुनः सम्मानपूर्वक राजा बनाया।   |   mahabharat अध्याय 5.128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  5.128.39 
आहुक: पुनरस्माभिर्ज्ञातिभिश्चापि सत्कृत:।
उग्रसेन: कृतो राजा भोजराजन्यवर्धन:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद हम सभी परिवारजनों ने मिलकर भोजवंश के क्षत्रियों को आगे बढ़ाने वाले उग्रसेन को पुनः सम्मानपूर्वक राजा बनाया।
 
‘Thereafter, all of us family members together honourably made Ugrasena, the king again, who had promoted the Kshatriyas of the Bhoj dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)