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mahabharat 5.128.3: मूर्ख! यदि तुम मानते हो कि मैंने पाण्डवों के प्रति कोई अपराध नहीं किया है, तो मैं तुम्हें सब कुछ बता दूँगा। हे राजन! तुम सब भी ध्यानपूर्वक सुनो।'   |   mahabharat अध्याय 5.128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.128.3 
यच्चैवं मन्यसे मूढ न मे कश्चिद् व्यतिक्रम:।
पाण्डवेष्विति तत् सर्वं निबोधत नराधिपा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मूर्ख! यदि तुम मानते हो कि मैंने पाण्डवों के प्रति कोई अपराध नहीं किया है, तो मैं तुम्हें सब कुछ बता दूँगा। हे राजन! तुम सब भी ध्यानपूर्वक सुनो।'
 
‘Fool! If you believe that I have committed no crime against the Pandavas, then I will tell you everything about it. O kings! You all should also listen carefully.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)