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mahabharat 5.128.23: हे राजन! यदि आप स्वेच्छा से पाण्डवों से संधि नहीं करेंगे तो ऐसा प्रतीत होता है कि कौरव आपको बाँधकर कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर को सौंप देंगे।   |   mahabharat अध्याय 5.128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.128.23 
न चेत् संधास्यसे राजन् स्वेन कामेन पाण्डवै:।
बद्‍ध्वा किल त्वां दास्यन्ति कुन्तीपुत्राय कौरवा:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! यदि आप स्वेच्छा से पाण्डवों से संधि नहीं करेंगे तो ऐसा प्रतीत होता है कि कौरव आपको बाँधकर कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर को सौंप देंगे।
 
O King! If you do not willingly enter into a treaty with the Pandavas, it seems that the Kauravas will tie you up and hand you over to Kunti's son Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)