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mahabharat 5.128.18: तुमने क्रूर पुरुषों की तरह पांडवों के प्रति अनेक प्रकार से अनुचित व्यवहार किया। यद्यपि तुम पाखंडी और अनार्य हो, फिर भी आज अपने अपराधों से अनभिज्ञ होने का ढोंग कर रहे हो।   |   mahabharat अध्याय 5.128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 128: श्रीकृष्णका दुर्योधनको फटकारना और उसे कुपित होकर सभासे जाते देख उसे कैद करनेकी सलाह देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.128.18 
कृत्वा बहून्यकार्याणि पाण्डवेषु नृशंसवत्।
मिथ्यावृत्तिरनार्य: सन्नद्य विप्रतिपद्यसे॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तुमने क्रूर पुरुषों की तरह पांडवों के प्रति अनेक प्रकार से अनुचित व्यवहार किया। यद्यपि तुम पाखंडी और अनार्य हो, फिर भी आज अपने अपराधों से अनभिज्ञ होने का ढोंग कर रहे हो।
 
Like cruel men, you behaved inappropriately towards the Pandavas in many ways. Even though you are a hypocrite and an unAryan, you are today pretending to be unaware of your crimes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)