Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.127.8: मधुसूदन! पाण्डवों ने जुए में जो कुछ भी धन खोया था, वह उसी क्षण उन्हें वापस मिल गया।   |   mahabharat अध्याय 5.127: श्रीकृष्णको दुर्योधनका उत्तर, उसका पाण्डवोंको राज्य न देनेका निश्चय   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 127: श्रीकृष्णको दुर्योधनका उत्तर, उसका पाण्डवोंको राज्य न देनेका निश्चय  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.127.8 
यत् पुनर्द्रविणं किंचित् तत्राजीयन्त पाण्डवा:।
तेभ्य एवाभ्यनुज्ञातं तत् तदा मधुसूदन॥ ८॥
 
 
अनुवाद
मधुसूदन! पाण्डवों ने जुए में जो कुछ भी धन खोया था, वह उसी क्षण उन्हें वापस मिल गया।
 
Madhusudana! Whatever wealth the Pandavas had lost in that gambling was returned to them at that very moment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)