केन वाप्यपराधेन विरुद्धॺन्त्यरिभि: सह।
अशक्ता: पाण्डवा: कृष्ण प्रहृष्टा: प्रत्यमित्रवत्॥ १०॥
अनुवाद
हे कृष्ण! हमारे किस अपराध के कारण असहाय होकर पाण्डव शत्रुओं के साथ हमारा विरोध कर रहे हैं और ऐसा करके भी वे स्वाभाविक शत्रु के समान प्रसन्न हो रहे हैं॥10॥
Krishna! Due to which crime of ours, the Pandavas, helpless, are opposing us along with the enemies and even after doing so, they are feeling happy like a natural enemy.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥