श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 126: भीष्म और द्रोणका दुर्योधनको पुन: समझाना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  5.126.9-10h 
यावन्न सुकुमारेषु शरीरेषु महीक्षिताम्॥ ९॥
गार्ध्रपत्रा: पतन्त्युग्रास्तावच्छाम्यतु वैशसम्।
 
 
अनुवाद
जब तक इन भूस्वामियों के कोमल शरीरों पर गीध के पंखों वाले भयंकर बाण नहीं पड़ रहे होंगे, तभी तक युद्ध का संकल्प शांत होगा । 9 1/2॥
 
As long as the fierce arrows with vulture's wings are not falling on the delicate bodies of these landowners, only then will the resolve for war subside. 9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)