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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 126: भीष्म और द्रोणका दुर्योधनको पुन: समझाना
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श्लोक 17
श्लोक
5.126.17
दृष्ट्वा त्वां पाण्डवैर्वीरैर्भ्रातृभि: सह संगतम्।
यावदानन्दजाश्रूणि प्रमुञ्चन्तु नराधिपा:॥ १७॥
अनुवाद
‘आपको अपने वीर पाण्डव भाइयों के साथ आया हुआ देखकर इन सब राजाओं के नेत्रों से हर्ष के आँसू बहने लगे॥17॥
‘Seeing you joined with your valiant Pandava brothers, all these kings shed tears of joy from their eyes.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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