श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 125: भीष्म, द्रोण, विदुर और धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  5.125.24 
अनेन हि सहायेन कृष्णेनाक्लिष्टकर्मणा।
इष्टान् सर्वानभिप्रायान् प्राप्स्याम: सर्वराजसु॥ २४॥
 
 
अनुवाद
‘स्वयं भी महान् कर्म करने वाले भगवान श्रीकृष्ण की सहायता से हम सब राजाओं में प्रतिष्ठित होंगे और अपनी समस्त मनोवांछित कामनाओं को प्राप्त करेंगे।॥ 24॥
 
‘With the help of Lord Krishna, who effortlessly performs great deeds, we shall be respected among all kings and achieve all our desired desires.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)