श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 125: भीष्म, द्रोण, विदुर और धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.125.23 
दुर्योधन निबोधेदं शौरिणोक्तं महात्मना।
आदत्स्व शिवमत्यन्तं योगक्षेमवदव्ययम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘दुर्योधन! मेरी बात पर ध्यान दो। महात्मा श्रीकृष्ण का दिया हुआ उपदेश अत्यंत कल्याणकारी है, कल्याणकारी है और दीर्घकाल तक स्थिर रहने वाला है। तुम्हें इसे स्वीकार करना चाहिए॥ 23॥
 
‘Duryodhan! Pay attention to what I am saying. The advice given by the great soul Shri Krishna is extremely beneficial, helps you achieve welfare and will remain stable for a long time. You should accept it.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)