श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 125: भीष्म, द्रोण, विदुर और धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.125.21 
भिक्षुकौ विचरिष्येते शोचन्तौ पृथिवीमिमाम्।
कुलघ्नमीदृशं पापं जनयित्वा कुपूरुषम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
‘तुम्हारे समान पापी और दुष्ट पुत्र को जन्म देने वाले ये दोनों दुःखी होंगे और इस पृथ्वी पर भिखारियों की भाँति इधर-उधर भटकेंगे।’ 21॥
 
‘Sinful like you and having given birth to an evil male son, both of them will be saddened and will wander here and there on this earth like beggars.’ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)