श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 125: भीष्म, द्रोण, विदुर और धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.125.19 
दुर्योधन न शोचामि त्वामहं भरतर्षभ।
इमौ तु वृद्धौ शोचामि गान्धारीं पितरं च ते॥ १९॥
 
 
अनुवाद
भारतभूषण दुर्योधन! मैं तुम्हारे लिए शोक नहीं कर रहा हूँ. मैं तुम्हारे बूढ़े माता-पिता, गांधारी और धृतराष्ट्र के लिए शोक मना रहा हूँ।॥ 19॥
 
Bharatbhushan Duryodhan! I am not grieving for you. I am grieving for your old parents, Gandhari and Dhritarashtra.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)