श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  5.124.7-8h 
ततोऽभ्यावृत्य वार्ष्णेयो दुर्योधनममर्षणम्॥ ७॥
अब्रवीन्मधुरां वाचं सर्वधर्मार्थतत्त्ववित्।
 
 
अनुवाद
तब सम्पूर्ण धर्म और अर्थ का सार जानने वाले भगवान वृष्णिनन्दन ने अमर दुर्योधन की ओर मुख करके उससे मधुर वाणी में कहा- 7 1/2॥
 
Then Lord Vrishninandan, who knew the essence of the entire religion and meaning, turned towards the immortal Duryodhana and said to him in a sweet voice - 7 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)