श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  5.124.61 
मा तात श्रियमायान्तीमवमंस्था: समुद्यताम्।
अर्धं प्रदाय पार्थेभ्यो महतीं श्रियमाप्नुहि॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
पुत्र! अपने घर आने वाली लक्ष्मी का अपमान मत करो। आधा राज्य कुन्ती के पुत्रों को दे दो और स्वयं अपार धन का उपभोग करो।'
 
‘Son! Do not insult the goddess Lakshmi who is about to come to your house. Give half the kingdom to Kunti's sons and enjoy the vast wealth yourself. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)