श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  5.124.60 
त्वामेव स्थापयिष्यन्ति यौवराज्ये महारथा:।
महाराज्येऽपि पितरं धृतराष्ट्रं जनेश्वरम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
महान पाण्डव तुम्हें युवराज पद पर प्रतिष्ठित करेंगे और तुम्हारे पिता राजा धृतराष्ट्र को महान महाराजा बनाये रखेंगे।'
 
‘The great Pandavas will establish you as the crown prince and will retain your father, King Dhritarashtra, as the great Maharaja. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)