श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  5.124.59 
अस्तु शेषं कौरवाणां मा पराभूदिदं कुलम्।
कुलघ्न इति नोच्येथा नष्टकीर्तिर्नराधिप॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! कौरव कुल की रक्षा करो, यह कुल पराजित न हो और तुम भी अपनी कीर्ति नष्ट करके कुल का हत्यारा न कहलाओ॥59॥
 
O Lord of men! Save the Kaurava clan, let this clan not be defeated and you too should not be called a killer of the clan by ruining your reputation. ॥ 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)