श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  5.124.52 
किं ते जनक्षयेणेह कृतेन भरतर्षभ।
यस्मिञ्जिते जितं तत् स्यात् पुमानेक: स दृश्यताम्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ, इस नरसंहार से तुम्हें क्या लाभ होगा? अपने पक्ष में एक ऐसा व्यक्ति खोजो जो अर्जुन को परास्त कर सके और यदि वह जीत गया तो तुम्हारा पक्ष विजयी माना जाएगा।
 
O best of the Bharatas, what will you gain by committing this massacre? Find a man on your side who can defeat Arjuna and if he wins, your side will be considered victorious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)