श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  5.124.50 
अजेयो ह्यर्जुन: संख्ये सर्वैरपि सुरासुरै:।
मानुषैरपि गन्धर्वैर्मा युद्धे चेत आधिथा:॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
‘युद्ध में अर्जुन को समस्त देवता और दानव भी नहीं हरा सकते। वह समस्त मनुष्यों और गन्धर्वों से भी अजेय है, अतः युद्ध करने का विचार भी मत करो।॥50॥
 
‘Even all the gods and demons cannot defeat Arjuna in battle. He is invincible even by all humans and Gandharvas, so do not think of fighting.॥ 50॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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