श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान‍् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 48-50h
 
 
श्लोक  5.124.48-50h 
इदं संनिहितं तात समग्रं पार्थिवं बलम्॥ ४८॥
अयं भीष्मस्तथा द्रोण: कर्णश्चायं तथा कृप:।
भूरिश्रवा: सौमदत्तिरश्वत्थामा जयद्रथ:॥ ४९॥
अशक्ता: सर्व एवैते प्रतियोद्धुं धनंजयम्।
 
 
अनुवाद
पिताश्री! भीष्म, द्रोण, कर्ण, कृपाचार्य, सोमदत्तपुत्र भूरिश्रवा, अश्वत्थामा और जयद्रथ सहित ये सब राजाओं की सेनाएँ आपके चारों ओर एकत्रित हैं - ये सब मिलकर भी अर्जुन का सामना करने में समर्थ नहीं हैं। ॥48-49 1/2॥
 
Father! All these kings' armies gathered around you, including Bhishma, Drona, Karna, Kripacharya, Somadatta's son Bhurishrava, Ashvatthama and Jayadratha - even all of them combined are not capable of facing Arjuna. ॥ 48-49 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)