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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना
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श्लोक 47-48h
श्लोक
5.124.47-48h
न हीमे सर्वराजान: पर्याप्ता: सहितास्त्वया॥ ४७॥
क्रुद्धस्य भीमसेनस्य प्रेक्षितुं मुखमाहवे।
अनुवाद
‘तुम्हारे सहित ये सब राजा युद्ध में क्रोधित हुए भीमसेन का मुख भी नहीं देख सकते ॥47 1/2॥
‘All these kings including you cannot even look at the face of Bhimasena who is enraged in the war. ॥ 47 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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