Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.124.20: भारत! पिता जो भी शिक्षा देते हैं, उसे श्रेष्ठ पुरुष अपने लिए लाभदायक मानते हैं। कठिन समय में सभी लोग अपने पिता की शिक्षा को याद करते हैं। | mahabharat अध्याय 5.124: धृतराष्ट्रके अनुरोधसे भगवान् श्रीकृष्णका दुर्योधनको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतच्छ्रेयो हि मन्यन्ते पिता यच्छास्ति भारत।
उत्तमापद्गत: सर्व: पितु: स्मरति शासनम्॥ २०॥
अनुवाद
भारत! पिता जो भी शिक्षा देते हैं, उसे श्रेष्ठ पुरुष अपने लिए लाभदायक मानते हैं। कठिन समय में सभी लोग अपने पिता की शिक्षा को याद करते हैं।
Bharat! Whatever teachings are given by fathers, the noble men consider them beneficial for themselves. In times of great difficulty, everyone remembers the teachings of their father.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥