Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.122.8-11: तत्पश्चात् उशीनर के पुत्र बुद्धिमान शिबि ने मधुर वाणी में कहा - 'मैंने बालकों के बीच, स्त्रियों के बीच, उपहास करने योग्य बन्धुओं के बीच, युद्ध में, आपत्ति आने पर तथा संकटकाल में भी कभी असत्य नहीं बोला है। उस सत्य के प्रभाव से तुम स्वर्ग जाओ। राजन! मैं अपना प्राण, राज्य तथा इच्छित भोग त्याग सकता हूँ, किन्तु सत्य का त्याग नहीं कर सकता। उस सत्य के प्रभाव से तुम स्वर्ग जाओ। यदि धर्मदेव मेरे सत्य से संतुष्ट हों, यदि अग्निदेव मेरे सत्य से प्रसन्न हों तथा यदि भगवान इन्द्र भी मेरे सत्यभाषण से संतुष्ट हों, तो उस सत्य के प्रभाव से तुम स्वर्ग जाओ।' | mahabharat अध्याय 5.122: सत्संग एवं दौहित्रोंके पुण्यदानसे ययातिका पुन: स्वर्गारोहण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् उशीनर के पुत्र बुद्धिमान शिबि ने मधुर वाणी में कहा - 'मैंने बालकों के बीच, स्त्रियों के बीच, उपहास करने योग्य बन्धुओं के बीच, युद्ध में, आपत्ति आने पर तथा संकटकाल में भी कभी असत्य नहीं बोला है। उस सत्य के प्रभाव से तुम स्वर्ग जाओ। राजन! मैं अपना प्राण, राज्य तथा इच्छित भोग त्याग सकता हूँ, किन्तु सत्य का त्याग नहीं कर सकता। उस सत्य के प्रभाव से तुम स्वर्ग जाओ। यदि धर्मदेव मेरे सत्य से संतुष्ट हों, यदि अग्निदेव मेरे सत्य से प्रसन्न हों तथा यदि भगवान इन्द्र भी मेरे सत्यभाषण से संतुष्ट हों, तो उस सत्य के प्रभाव से तुम स्वर्ग जाओ।'
After that, the intelligent Shibi, the son of Ushinara, said in a sweet voice - 'I have never before spoken untruth among children, among women, among relatives who are capable of making fun, in war, in the face of objections and even in crisis. With the influence of that truth you go to heaven. Rajan! I can give up my life, kingdom and desired pleasures, but I cannot give up the truth. With the influence of that truth you go to heaven. If Dharmadev is satisfied with my truth, if Agnidev is pleased with my truth and if Lord Indra is also satisfied with my truthful speech, then with the influence of that truth you should go to heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥